छुट्टी में घर आई CRPF महिला सिपाही ने परिवार संग की कांवरियों की सेवा।
देवघर। सावन की चौथी एवं अंतिम सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ा। कांवरियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच देवघर के स्थानीय लोगों ने भी सेवा भाव से उनकी मदद की। इसी क्रम में न्यू कॉलोनी बैजनाथपुर बांधा, देवघर निवासी CRPF महिला सिपाही ममता कुमारी ने छुट्टी में घर आने के दौरान अपने परिवार के साथ कांवरियों की सेवा कर मिसाल पेश की।
ममता कुमारी अपने पति संजय कुमार और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कांवरिया सेवा में जुटीं। सेवा कार्य में श्री लक्ष्मण प्रसाद, ग्रीनमाला देवी, रवि, प्रतीक, सागर, संजय सहित अन्य परिवार के सदस्य भी शामिल रहे। परिवार ने कांवरिया पथ पर गुजर रहे श्रद्धालुओं को ठंडा पानी, नींबू पानी और केले सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई। तेज गर्मी और लंबी पैदल यात्रा के बीच जब कांवरिये सेवा स्थल पर पहुंचे तो परिवार के सदस्यों ने उन्हें पानी और फल देकर राहत पहुंचाने का प्रयास किया।
इस सेवा की सबसे खास बात यह रही कि ममता कुमारी अपनी एक साल की बेटी मिशिका कुमारी को भी साथ लेकर आई थीं। ड्यूटी से छुट्टी के दौरान परिवार के साथ समय बिताने के साथ उन्होंने धार्मिक आस्था और सेवा भावना को भी प्राथमिकता दी। एक ओर वह CRPF में देश और समाज की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाती हैं, वहीं दूसरी ओर छुट्टी के दौरान कांवरियों की सेवा कर उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी का भी परिचय दिया।
सावन की चौथी सोमवारी पर देवघर में बड़ी संख्या में कांवरियों के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की थी। ऐसे में स्थानीय परिवारों और सामाजिक संगठनों की ओर से जगह-जगह पानी, फल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना श्रद्धालुओं के लिए राहत का माध्यम बना।
ममता कुमारी और उनके परिवार का कहना है कि बाबा बैद्यनाथ की नगरी में आने वाले कांवरियों की सेवा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कांवरिये लंबी दूरी तय कर बाबा मंदिर में जलार्पण के लिए पहुंचते हैं। उनकी यात्रा के दौरान थोड़ी सी भी मदद और सुविधा उपलब्ध कराना सेवा का एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण प्रयास है।
परिवार के इस सेवा कार्य से आसपास के लोगों में भी सकारात्मक संदेश गया। सावन के दौरान देवघर में कांवरियों की सेवा की परंपरा वर्षों से चली आ रही है और चौथी सोमवारी पर भी स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर श्रद्धालुओं की सहायता की।
ममता कुमारी द्वारा छुट्टी के समय परिवार के साथ कांवरियों की सेवा करना यह संदेश देता है कि देश सेवा के साथ-साथ समाज और श्रद्धालुओं की सेवा की भावना भी महत्वपूर्ण है। उनकी एक साल की बेटी मिशिका की मौजूदगी ने इस सेवा कार्य को और भी भावनात्मक बना दिया। परिवार ने फल, केला, नींबू पानी और पेयजल बांटकर कांवरियों की थकान कम करने की कोशिश की और बाबा बैद्यनाथ के भक्तों के प्रति अपनी श्रद्धा एवं सेवा भावना प्रकट की।
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